भाजपा छोड़ी नहीं , परिस्थितियों ने छुड़वा दी! हरक सिंह के नरम पड़े तेवर।

 

हरक सिंह का भाजपा प्रेम अभी भी नही हुआ कम, कहा छोड़ना नही चाहता था भाजपा लेकिन परस्थिति ऐसी बनी की छोड़ी नही बल्कि छुड़वाई गई पार्टी।

 
हरक सिंह रावत राजनीति के चतुर खिलाड़ी माने जाते हैं । भाजपा से शुरुआत कर बसपा , कांग्रेस से होते हुए वर्ष 2016 में भाजपा में लौटे । इस बार उनके आकलन में कहीं कुछ गड़बड़ी रह गई । चुनाव से ठीक पहले भाजपा ने उन्हें बाहर का रास्ता दिखा दिया । कहा गया कि वह एक ओर तो दो टिकट मांग रहे थे और दूसरी तरफ कांग्रेस में भी अपनी संभावनाएं टटोल रहे थे । 

भाजपा के पल्ला झटकने पर रावत लगभग छह साल बाद कांग्रेस में लौट तो गए , लेकिन उन्हें टिकट एक ही मिला । स्वयं चुनाव न लड़कर अपनी पुत्रवधू को उन्होंने मैदान में उतारा , लेकिन जीत हाथ न लगी । भाजपा से निकाले जाने की कसक अब भी हरक के दिल में है । बोले कि वह तो भाजपा छोड़ना ही नहीं चाहते थे , उन्होंने स्वयं छोड़ी भी नहीं । जो कुछ हुआ , परिस्थितिवश हुआ । सच में , हरक की बात में कुछ तो सच्चाई है ।

प्रकाशन तिथि: अप्रैल 18,2022

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