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| प्रत्येक जिले में एक केंद्रीय विद्यालय के बाद अब नवोदय विद्यालय खोलने जा रहे है शिक्षा मंत्री धन सिंह, लम्बी लम्बी फेंकने में धन सिंह उत्तराखंड के नम्बर एक नेता बने। |
शिक्षा मंत्री डा धन सिंह रावत ने कहा कि नवोदय विद्यालयों की समस्याओं के समाधान को पृथक नियमावली आवश्यक है। चार जिलों रुद्रप्रयाग, ऊधमसिंहनगर, बागेश्वर और उत्तरकाशी में अतिरिक्त नवोदय विद्यालयों की स्थापना पर विचार किया जा रहा है। इसके लिए केंद्र सरकार को प्रस्ताव भेजा गया है। धन सिंह रावत ने कहा कि इन विद्यालयों पर 120 करोड़ का खर्च आएगा। केंद्र सरकार से प्रस्ताव स्वीकृत होने पर इस दिशा में तेजी से कदम आगे बढ़ेंगे।
आपको बता दें कि उत्तराखंड के 13 जिलों में नवोदय विद्यालयों में छात्रसंख्या 4410 है। स्वीकृत से काफी कम संख्या में ही सीट भर रही हैं। इन विद्यालयों में शिक्षकों के कुल 624 पद स्वीकृत हैं। ये पद भरे नहीं गए हैं। बड़ी संख्या में पद रिक्त होने के कारण पढ़ाई पर असर पढ़ रहा है। राज्य में पहली बार पहली बार नवोदय विद्यालयों को लेकर अलग से नियमावली तैयार की जा रही है। यही नहीं, चार जिलों में अतिरिक्त नवोदय विद्यालयों की स्थापना के प्रयास भी किए जा रहे हैं।
अब तक रिक्त पदों पर अस्थायी व्यवस्था के अंतर्गत शिक्षकों की तैनाती की जाती रही है। संविदा शिक्षकों को मानदेय दिया जा रहा है। इसके बावजूद शिक्षकों की व्यवस्था करने में सरकार के पसीने छूट रहे हैं। आज प्रवेश के दौरान रिक्त रहने वाली सीटों को भरने, शिक्षकों के रिक्त पदों पर तैनाती, प्रधानाचार्यों की तैनाती, यानी हर छोटी-बड़ी समस्या के लिए शिक्षा विभाग और शासन का मुंह ताकने की नौबत है। ऐसे में सरकार को अब नवोदय विद्यालयों के लिए अलग से नियमावली पर विचार करना पड़ रहा है।
घोषणा पे घोषणा तो किए जा रहे हैं लेकिन सब हवा हवाई ही लग रहा है। पहले हर जिले को केंद्रीय विद्यालय देने की बात हुई थी, किस किस जिले को केंद्रीय विद्यालय मिला ? और क्या स्थिति है ? इस पर चर्चा के बजाय फिर से नया लॉलीपॉप जनता को पकड़ने से कोई फायदा नही है। घोषणाओं में व्यस्त रहने से बेहतर होगा कि एक घोषणा की क्रियान्वयन तक की समय सीमा तय हो और तय समय पर उसका कार्य पूरा हो।
प्रकाशन तिथि: अप्रैल 18,2022








