हर दिन एक नई डगर लेकिन उस पर भी मगर, हर कदम पर लोभ मेरा बनता रहा बाधा अगर, कैसे होगी…
Read more »हर दिन एक नई डगर लेकिन उस पर भी मगर, हर कदम पर लोभ मेरा बनता रहा बाधा अगर, कैसे होगी…
Read more »कहीं दूर झरनों में नहा के आयी है मेरे आंगन में पेड़ो के झरोखों से । हर प्राणी में नव …
Read more »तुम गीत मधुव्रत सा गुनगुनाते हो जब मैं कली पुष्प सा फिर खिल जाता हूँ …
Read more »आज नही, कल नही, फिर किसी गस्त पर सही मिलना तो है मुझे, हाँ मिलना तो है मुझे तुमसे पर…
Read more »बहुत कुछ हार कर कुछ जीता हूँ हुनर ए जिंदगी सब तेरा ही तो है । कोई मांगता है दिन रात …
Read more »इस तरह तेरे शहर को अपनाया है मैंने क्या कहूँ कितने अरमानों को भुलाया है मैंने । पीकर…
Read more »धरती पर जिसने मुझे बनाया उसने कोई भेद न जताया, मैंने उसी को याद करने के तरीकों से हि…
Read more »बुलबुला एक पानी 'जिंदगी सा' आकर पत्ते पर अटक गया । नीचे संसार दरिया पानी का …
Read more »ये वक्त सबका है बस हमे खबर नही खबर नही कि कौन किसका है यहां, तुम संग हो भी या फिर नह…
Read more »मैं यहां क्यूँ हूँ ये सिर्फ मैं जानता हूँ जो सोचते है मेरी सख्सियत कुछ नही इतना कह द…
Read more »धूप बारिश सी बादलों में खिलूँगा मैं बूंद पानी सी पत्तों पर मिलूंगा धूल आँधी संग संग …
Read more »प्यार जब कभी लिखने में आ जाए जज्बात जब कलम पे आने लग जाँए । कोई सूरत नही ढूंढता है द…
Read more »कुछ दूर तक हवा जब संग थी मेरे मैं पतंग सा डोलता था आसमान में । बेखौफ उड़ता था में ऊं…
Read more »कोई मुझे जब दिल से ढूंढने लगेगा बस यहीं कहीं पास हवा सा मिलूंगा, तुम यादों में लौटने…
Read more »इंसानी चैचाहट में चिड़िया कहीं गुल हो गयी विकास की दौड़ में धरती धूल धूल हो रही हर सुव…
Read more »जिंदगी के देखो कैसे पैमाने बदल गए हम इंसान से हिन्दू और तुम मुसलमान हो गए । यही मुद्…
Read more »खुले आसमान पर मैं हवा सा न कोई रंग है न राग मेरा, कोई पूछेगा भी तो क्या मुझसे न कोई …
Read more »अन्त: मन कल्ह के देखो भांडे फूट गए अपना अपने करते भी सब यहीं छूट गए । जिंदगी भर की क…
Read more »जिंदगी के पथ पर रोज दौड़ रहा हूँ नही मालूम जीत रहा हूँ, हार रहा हूँ हर श्वांस में पूर…
Read more »मिले भी थे और मिले भी नही कुछ यही है कहानी जिंदगी दो चार होने में वक्त निकल गया बस म…
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