ये वक्त सबका है बस हमे खबर नही
खबर नही कि कौन किसका है यहां,
तुम संग हो भी या फिर नही ये खबर नही
हाँ, खबर ये जरूर है कि वो अब नही ।
पैसा, हाय पैसा ! बाकी कहीं नजर नही
नजर नही कि कौन आया है दर पर,
पैसा संग है तो पड़ोसी पर भी नजर नही
हाँ, खबर ये जरूर है कि वो अब नही ।
उम्र भर खूब खाया पर पेट जैसे भरा नही
थोड़ा और थोड़ा और चाह रह गयी,
आसपास देखने की फुरसत मिली नही
हाँ, खबर ये जरूर है कि वो अब नही ।
सोने से जड़े आभूषण इससे कम नही
हर शौक पर मेरा शौक भारी रहे,
छूट गये सब जहां थे कुछ भी मिले नही
हाँ, खबर ये जरूर है कि वो अब नही ।
तुम संग हो भी या फिर नही ये खबर नही
हाँ, खबर ये जरूर है कि वो अब नही ।
पैसा, हाय पैसा ! बाकी कहीं नजर नही
नजर नही कि कौन आया है दर पर,
पैसा संग है तो पड़ोसी पर भी नजर नही
हाँ, खबर ये जरूर है कि वो अब नही ।
उम्र भर खूब खाया पर पेट जैसे भरा नही
थोड़ा और थोड़ा और चाह रह गयी,
आसपास देखने की फुरसत मिली नही
हाँ, खबर ये जरूर है कि वो अब नही ।
सोने से जड़े आभूषण इससे कम नही
हर शौक पर मेरा शौक भारी रहे,
छूट गये सब जहां थे कुछ भी मिले नही
हाँ, खबर ये जरूर है कि वो अब नही ।
#दिगम्बर डंगवाल

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