धरती पर जिसने मुझे बनाया
उसने कोई भेद न जताया,
मैंने उसी को याद करने के तरीकों से
हिंदू,मुस्लिम,सिख और ईसाई बनाया ।
लगा टीका तो हिंदू हो गया
पहनी टोपी तो मुसलमान,
रख पगड़ी सर हुआ सरदार
लगा क्रॉस ईसाई बना है भगवान ।
सींच रहा है पत्ता पत्ता
बहुत समझदार हो गया है इंसान,
नौ दिन, एक माह को आते हैं
देखों कैसे मेहमान बने है भगवान ।
किसी के यहाँ पालने में हैं
किसी के यहाँ हैं चादर के नीचे,
कोई टांगे हुए है खम्बो पर
लगता है इंसान ने ही बनाया है भगवान ।
मैंने उसी को याद करने के तरीकों से
हिंदू,मुस्लिम,सिख और ईसाई बनाया ।
लगा टीका तो हिंदू हो गया
पहनी टोपी तो मुसलमान,
रख पगड़ी सर हुआ सरदार
लगा क्रॉस ईसाई बना है भगवान ।
सींच रहा है पत्ता पत्ता
बहुत समझदार हो गया है इंसान,
नौ दिन, एक माह को आते हैं
देखों कैसे मेहमान बने है भगवान ।
किसी के यहाँ पालने में हैं
किसी के यहाँ हैं चादर के नीचे,
कोई टांगे हुए है खम्बो पर
लगता है इंसान ने ही बनाया है भगवान ।
#दिगम्बर डंगवाल

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