कोई मुझे जब दिल से ढूंढने लगेगा
बस यहीं कहीं पास हवा सा मिलूंगा,
तुम यादों में लौटने की कोशिस करना
मैं पन्ने हवा सा पलटता रहूँगा ।।

तुम संग उत्साह लिए बाराती सा
कि मैं सबसे सुन्दर बाराती दिखूंगा,
तुम्हारी हर मुस्कुराहट पर बाअदब
मैं सहनाई सा बजता रहूँगा ।।

तुम अल्हड़ सा प्रेमी पत्र बनकर
प्यार का पहला एहसास करना,
देख कर तुम्हारी हर करबट को
मैं तकिए सा बदलता रहूँगा ।।

तुम गीत गजल सा गुनगुनाते रहना
हर बात हवाओं से कह देना,
कह कर बात खामोशी ओढ़ लेना
मैं बन आंसू आँख से निकलता रहूँगा ।।

#दिगम्बर डंगवाल